समृद्धि और सामर्थ्य प्रदान करने वाला आयुष्मान-सौभाग्य और स्वाति नक्षत्र का मंगलकारी त्रिवेणी संयोग बनने जा रहा है। इस संयोग में मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना से धन वर्षा होगी। इसका सकारात्मक असर लंबी अवधि तक रहेगा। श्री महालक्ष्मी पूजा किस लग्न कौन कौन सी पूजा किस समय करे हमारा ब्लाग अवश्य ओपन करे स्थिर लक्ष्मी की पूजा किस लग्न में करे लक्ष्मी पूजा को करने के लिए हम चौघड़िया मुहूर्त को देखने की सलाह नहीं देते हैं  क्योंकि वे मुहूर्त यात्रा के लिए उपयुक्त होते हैं।गादी स्थापना मुहूर्त /स्याही भरने का मुहूर्त / कलम दवात सवारने का मुहूर्त /

दिनांक ०७/११/२०१८ गादी स्थापना मुहूर्त /स्याही भरने का मुहूर्त / कलम दवात सवारने का मुहूर्त / प्रता:०६:५४से०९:३८ तक लाभ अमृत बेला/ दोपहर ...