ज्योतिष समाधान

Monday, 21 July 2025

शिव जी की आरती

हे भोलेनाथ तेरी आरती गाऊं,

आरती गाऊं तुम्हें चित्त में बसाऊं,
हे गौरीशंकर तेरी आरती गाऊं,
हे शिवशंकर तेरी आरती गाऊं,
हे भोलेनाथ तेरी आरती गाऊं ।

भगीरथी जब धरा पे आये,
जटा में भोले की वेग समाये,
जनहितकारी पे बलि बलि जाऊं,
हे भोलेनाथ तेरी आरती गाऊं ॥

हलाहल से सबको बचाते,
नीलकण्ठ तब आप कहाते,
उमापति के दर्शन पाऊं,
हे भोलेनाथ तेरी आरती गाऊं ॥

सरल हृदय, करुणा के सागर,
खाली ना रहती किसी की गागर,
कृपा की कुछ बूंदें पा जाऊं,
हे भोलेनाथ तेरी आरती गाऊं ॥

महादेव प्रभु, हो त्रिपुरारी,
भक्तों के हो भोले तुम भयहारी,
हर हर शम्भो कहके तुमको रिझाऊं,
हे भोलेनाथ तेरी आरती गाऊं ॥

पूजा, जप, तप, योग ना जानूं,
महादेव को अपना मानूं,
श्रद्धा सुमन चरणों में चढ़ाऊं,
हे भोलेनाथ तेरी आरती गाऊं ॥

हे भोलेनाथ तेरी आरती गाऊं,
आरती गाऊं तुम्हें चित्त में बसाऊं,
हे गौरीशंकर तेरी आरती गाऊं,
हे शिवशंकर तेरी आरती गाऊं.......

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